वीर बालक पृथ्वी सिंह जिसने पिता के कहने पर फाड़ के फैक दिया था शेर का जबड़ा

एक बार औरंगजेब के दरबार मे एक शिकारी जंगल से बहुत बडा भयानक शेर पकड कर लाया ! शेर को लोहे के पिंजरे में बंद किया गया था ! पिंजरे में बंद...

एक बार औरंगजेब के दरबार मे एक शिकारी जंगल से बहुत बडा भयानक शेर पकड कर लाया ! शेर को लोहे के पिंजरे में बंद किया गया था ! पिंजरे में बंद शेर बार बार दहाड रहा था ! ओरंगजेब अपने दरबार में पिंजरे में बंद भयानक शेर को देख इतराते हुए बोला “इससे बडा भयानक शेर दूसरा नही नहीं है” ! ओरंगजेब के दरबार में बैठे उसके गुलाम स्वरुप दरबारियो ने भी उसकी हाँ में अपनी हाँ मिलाई !

परन्तु जोधपुर के महाराजा यशवंत सिंह ने ओरंगजेब की इस बात से असहमति जताते हुए कहा कि “इससे भी अधिक शक्तिशाली शेर तो हमारे पास है” ! बस फिर क्या था महाराजा यशवंत सिंह की बात को सुनकर मुग़ल बादशाह ओरंगजेब बड़ा क्रोधित हो उठा ! उसने यशवंत सिंह से कहा कि यदि तुम्हारे पास इस शेर से अधिक शक्तिशाली शेर है तो अपने शेर का मुकाबला हमारे शेर से करवाओ, लेकिन तुम्हारा शेर यदि हार गया तो तुम्हारा सार काट दिया जाएगा !

महाराजा यशवंत सिंह ने ओरंगजेब की चुनौती को सहर्ष स्वीकार किया ! अगले दिन किले में शेरों की लड़ाई का आयोजन किया गया, जिसे देखने के लिए भारी भीड़ इकट्ठी हुई ! ओरंगजेब अपने स्थान पर एवं महाराजा यशवंत सिंह अपने बारह वर्षीय पुत्र पृथ्वी सिंह के साथ अपना आसन ग्रहण किये हुए थे ! 

ओरंगजेब ने यशवंत सिंह से प्रश्न किया “कहाँ है तुम्हारा शेर ?” यशवंत सिंह ने ओरंगजेब से कहा “तुम निश्चिन्त रहो मेरा शेर यहीं मौजूद है, तुम लड़ाई शुरू करवाओ “ ! ओरंगजेब ने शेरों की लड़ाई शुरू की जाने की घोषणा की ! ओरंगजेब के शेर को लोहे के पिंजरे में छोड़ दिया गया ! अब बारी थी महाराजा यशवंत सिंह के शेर की ! महाराजा यशवंत सिंह ने अपने बारह वर्षीय पुत्र पृथ्वी सिंह को आदेश दिया कि आप शेर के पिंजरे में जाओ और हमारी और से ओरंगजेब के शेर से युद्ध करो ! यह सब देख वहां उपस्थित सभी लोग हैरान रह गए ! अपने पिता की आज्ञा का पालन करते हुए पृथ्वी सिंह पिता को प्रणाम करते हुए शेर के पिंजरे में घुस गए !

शेर ने पृथ्वी सिंह की तरफ देखा उस तेजस्वी बालक की आँखो में देखते ही वह शेर पूंछ दवाकर अचानक पीछे की ओर हट गया ! यह देख किले में उपस्थित सभी लोग हैरान रह गए ! तब मुग़ल सैनिकों ने शेर को भाले से उकसाया, तब कहीं वह शेर बालक प्रथ्वी सिंह की और लपका ! शेर को अपनी और आते देख प्रथ्वी सिंह पहले तो एक और हट गए बाद में उन्होंने अपनी तलवार म्यान में से खीच ली, अपने पुत्र को तलवार खीचते देख महाराजा यशवंत सिंह जोर से चीखे “बेटा तू ये क्या कर रहा है , शेर के पास तलवार तो है नही फिर क्या तलवार चलायेगा, ये तो धर्म युद्द नही है !”

पिता की बात सुनकर पृथ्वी सिंह ने तलवार फेक दी और वह शेर पर टूट पड़े , काफी संघर्ष के बाद उस वीर बालक पृथ्वी सिंह ने शेर का जबडा अपने हाथो से फाड दिया, और फिर उसके शरीर के टुकडे टुकडे कर के फेंक दिये ! सभी लोग वीर बालक पृथ्वी सिंह की जय जय कार करने लगे, शेर के खून से सना हुआ जब बालक पृथ्वी सिंह बाहर निकले तो राजा यशवंत सिंह जी ने दौडकर अपने पुत्र को छाती से लगा लिया !







COMMENTS

नाम

अखबारों की कतरन अपराध आंतरिक सुरक्षा इतिहास उत्तराखंड ओशोवाणी कहानियां काव्य सुधा खाना खजाना खेल चिकटे जी तकनीक दुनिया रंगविरंगी देश धर्म और अध्यात्म पर्यटन पुस्तक सार प्रेरक प्रसंग बीजेपी बुरा न मानो होली है भगत सिंह भोपाल मध्यप्रदेश मनुस्मृति मनोरंजन महापुरुष जीवन गाथा मेरा भारत महान मेरी राम कहानी राजीव जी दीक्षित लेख विज्ञापन विडियो विदेश वैदिक ज्ञान व्यंग शिवपुरी संघगाथा संस्मरण समाचार समाचार समीक्षा साक्षात्कार सोशल मीडिया स्वास्थ्य
false
ltr
item
क्रांतिदूत: वीर बालक पृथ्वी सिंह जिसने पिता के कहने पर फाड़ के फैक दिया था शेर का जबड़ा
वीर बालक पृथ्वी सिंह जिसने पिता के कहने पर फाड़ के फैक दिया था शेर का जबड़ा
https://1.bp.blogspot.com/-wloYpHlVM5w/V26zlS6L5HI/AAAAAAAAFiI/ibGV-bxIySYqhJnLzaL0g7oYzEF8nzKWwCLcB/s640/pruthvi%2Bsingh.jpg
https://1.bp.blogspot.com/-wloYpHlVM5w/V26zlS6L5HI/AAAAAAAAFiI/ibGV-bxIySYqhJnLzaL0g7oYzEF8nzKWwCLcB/s72-c/pruthvi%2Bsingh.jpg
क्रांतिदूत
http://www.krantidoot.in/2015/07/Brave-Boy-Prathvi-Singh.html
http://www.krantidoot.in/
http://www.krantidoot.in/
http://www.krantidoot.in/2015/07/Brave-Boy-Prathvi-Singh.html
true
8510248389967890617
UTF-8
Not found any posts VIEW ALL Readmore Reply Cancel reply Delete By Home PAGES POSTS View All RECOMMENDED FOR YOU LABEL ARCHIVE SEARCH ALL POSTS Not found any post match with your request Back Home Sunday Monday Tuesday Wednesday Thursday Friday Saturday Sun Mon Tue Wed Thu Fri Sat January February March April May June July August September October November December Jan Feb Mar Apr May Jun Jul Aug Sep Oct Nov Dec just now 1 minute ago $$1$$ minutes ago 1 hour ago $$1$$ hours ago Yesterday $$1$$ days ago $$1$$ weeks ago more than 5 weeks ago Followers Follow THIS CONTENT IS PREMIUM Please share to unlock Copy All Code Select All Code All codes were copied to your clipboard Can not copy the codes / texts, please press [CTRL]+[C] (or CMD+C with Mac) to copy