डॉ अम्बेडकर और यज्ञोपवीत - डॉ. विवेक आर्य

तमिलनाडु में पेरियार के शिष्यों ने एक नया तमाशा रचा है। वैसे पहले भी इस विकृत मानसिकता वाले लोगों ने सेलम,तमिलनाडु में भगवान राम की ...



तमिलनाडु में पेरियार के शिष्यों ने एक नया तमाशा रचा है। वैसे पहले भी इस विकृत मानसिकता वाले लोगों ने सेलम,तमिलनाडु में भगवान राम की प्रतिमा को जूते की माला पहनाकर उनका जुलुस निकाला था। उनका कहना था कि भगवान राम दलित विरोधी थे। इस बार की हरकत में उन्होंने सूअर को यज्ञोपवीत पहनाकर अपनी कुंठा का प्रदर्शन किया है। ऐसी हरकते करने वाले मुख्य रूप से धर्मपरिवर्तित ईसाई या मुसलमान होते है। जो अपनी राजनीतिक महत्वकांशा को पूरा करने के लिए ऐसी हरकतें करते हैं। दलित नाम का परिवेश धारण कर दलितों को भ्रमित करते है। गौर करने लायक बात यह है कि इस हरकत की खबर पर सबसे अधिक वो दलित उछल रहे हैं, जो अपने आपको डॉ अम्बेडकर का शिष्य बताते हैं। वे यह भी भूल जाते हैं कि डॉ अम्बेडकर स्वयं से महारों (दलितों) का यज्ञोपवीत संस्कार करवाते थे। प्रमाण देखिये-

अम्बेडकर जी ने बम्बई में "समाज समता संघ" की स्थापना कि जिसका मुख्य कार्य अछूतों के नागरिक अधिकारों के लिए संघर्ष करना तथा उनको अपने अधिकारोंके प्रति सचेत करना था। यह संघ बड़ा सक्रिय था। इसी समाज के तत्वाधान में 500 महारों को जनौउ धारण करवाया गया ताकि सामाजिक समता स्थापित की जा सके। यह सभा बम्बई में मार्च 1928 में संपन्न हुई जिसमें डॉ अम्बेडकर भी मौजूद थे।
(डॉ बी आर अम्बेडकर- व्यक्तित्व एवं कृतित्व पृष्ठ 116-117)

डॉ0 अम्बेडकर जी के 6, सितम्बर-1929 के ’बहिष्कृत भारत‘ में यह समाचार प्रकाशित हुआ था कि ’मनमाड़ के महारों (दलितों) ने श्रावणी मनायी।‘ 26 व्यक्तियों ने यज्ञोपवीत धारण किये। यह समारोह मनमाड़ रेल्वे स्टेशन के पास डॉ0 अम्बेडकरजी के मित्र श्री रामचन्द्र राणोजी पवार नांदगांवकर के घर में सम्पन्न हुआ था।

डॉ अम्बेडकर ने जिस कार्य में अपनी श्रद्धा दिखाई। उसी कार्य का ये लोग परिहास कर रहे है। ये लोग एक और तथ्य भूल जाते है। जिसका वर्णन डॉ अम्बेडकर ने अपनी लेखनी में किया है। डॉ जी लिखते है कि शूद्र राजाओं और ब्राह्मणों के बीच अनवरत संघर्ष होते रहते थे और ब्राह्मणों को शूद्रों के हाथों अनेक कष्ट और अपमान सहने पड़े। शूद्रों द्वारा किये गये उत्पीड़न और पीड़ाओं से त्रस्त होकर ब्राह्मणों ने फलस्वरूप शूद्रों का उपनयन संस्कार सम्पन्न करवाना बंद कर दिया। उपनयन संस्कार से वंचित होने पर शूद्र जो क्षत्रिय थे उनका सामाजिक ह्रास हो गया। ('शूद्र कौन थे' के सातवें संस्करण-2013 के प्राक्कथन का पृष्ठ 3 और 4)।

संस्कारों के न होने से कितनी हानि होती है। इसे डॉ अम्बेडकर भी स्वीकार करते है।

ब्राह्मण यज्ञोपवीत किस लिए रखते हैं ? यज्ञोपवीत केवल विद्या का एक चिह्न है। ब्राह्मण, क्षत्रिय और वैश्य ये तीन वर्ण शिक्षित वर्ण है। इसलिए ये तीनों जनेऊ धारण करते है। शूद्र अशिक्षित वर्ण का नाम है। इसलिए वह जनेऊ धारण नहीं करता। मगर चारों वर्ण ब्राह्मण से लेकर शूद्र आर्य कहलाते है। यज्ञोपवीत में तीन सूत्र होते है। तीनों सूत्र ऋषिऋण, पितृऋण और देवऋण। ऋषिऋण ब्रह्मचर्य धारण कर वेद विद्या के अध्ययन से, गृहस्थ आश्रम में प्रवेश कर उत्तम संतानोत्पत्ति से और देवऋण मातृभूमि की सेवा से निवृत होता हैं। संक्षेप में तीनों ऋणों से व्यक्ति को उसके कर्त्तव्य का बोध करवाया जाता है। इस प्रकार से यज्ञोपवीत कर्त्तव्य बोध का नाम है। वर्ण व्यवस्था के अनुसार कोई भी शूद्र ब्राह्मण बन सकता है और कोई भी ब्राह्मण शूद्र बन सकता है। इसलिए शूद्र शब्द को दलित कहना भी गलत है। यज्ञोपवीत संस्कार को जानकर ब्राह्मणवाद, मनुवाद के जुमले के साथ नत्थी कर अपनी हताशा ,निराशा का प्रदर्शन किया जा रहा हैं। अंत में मैं यही कहना चाहुँगा कि प्राचीन संस्कारों के उद्देश्य, प्रयोजन, लाभ आदि को न जानकर व्यर्थ के तमाशे करने से किसी का हित नहीं होगा।

COMMENTS

नाम

अखबारों की कतरन अपराध आंतरिक सुरक्षा इतिहास उत्तराखंड ओशोवाणी कहानियां काव्य सुधा खाना खजाना खेल चिकटे जी तकनीक दुनिया रंगविरंगी देश धर्म और अध्यात्म पर्यटन पुस्तक सार प्रेरक प्रसंग बीजेपी बुरा न मानो होली है भगत सिंह भोपाल मध्यप्रदेश मनुस्मृति मनोरंजन महापुरुष जीवन गाथा मेरा भारत महान मेरी राम कहानी राजीव जी दीक्षित लेख विज्ञापन विडियो विदेश वैदिक ज्ञान शिवपुरी संघगाथा संस्मरण समाचार समाचार समीक्षा साक्षात्कार सोशल मीडिया स्वास्थ्य
false
ltr
item
क्रांतिदूत: डॉ अम्बेडकर और यज्ञोपवीत - डॉ. विवेक आर्य
डॉ अम्बेडकर और यज्ञोपवीत - डॉ. विवेक आर्य
https://1.bp.blogspot.com/-GhHWnhy7aTM/WY3m_AKo7yI/AAAAAAAAIO4/f6E-4I1__O0G3j-fyIat91nf_4FsSruRgCLcBGAs/s400/pig%2Bposter.jpg
https://1.bp.blogspot.com/-GhHWnhy7aTM/WY3m_AKo7yI/AAAAAAAAIO4/f6E-4I1__O0G3j-fyIat91nf_4FsSruRgCLcBGAs/s72-c/pig%2Bposter.jpg
क्रांतिदूत
http://www.krantidoot.in/2017/08/Dr-Ambedkar-and-Yajnavap.html
http://www.krantidoot.in/
http://www.krantidoot.in/
http://www.krantidoot.in/2017/08/Dr-Ambedkar-and-Yajnavap.html
true
8510248389967890617
UTF-8
Not found any posts VIEW ALL Readmore Reply Cancel reply Delete By Home PAGES POSTS View All RECOMMENDED FOR YOU LABEL ARCHIVE SEARCH ALL POSTS Not found any post match with your request Back Home Sunday Monday Tuesday Wednesday Thursday Friday Saturday Sun Mon Tue Wed Thu Fri Sat January February March April May June July August September October November December Jan Feb Mar Apr May Jun Jul Aug Sep Oct Nov Dec just now 1 minute ago $$1$$ minutes ago 1 hour ago $$1$$ hours ago Yesterday $$1$$ days ago $$1$$ weeks ago more than 5 weeks ago Followers Follow THIS CONTENT IS PREMIUM Please share to unlock Copy All Code Select All Code All codes were copied to your clipboard Can not copy the codes / texts, please press [CTRL]+[C] (or CMD+C with Mac) to copy