ABVP के संघर्ष के आगे झुका सिस्टम, आखिरकार हुआ तबादला!
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खनियांधाना/शिवपुरी। छात्र हितों की रक्षा के लिए लगातार संघर्ष कर रही अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) को खनियांधाना में बड़ी सफलता मिली है। लंबे समय से सांदीपनि उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की समस्याओं को लेकर आवाज़ उठा रहे परिषद कार्यकर्ताओं का संघर्ष आखिरकार रंग लाता दिखाई दिया। लोक शिक्षण संचालनालय, मध्यप्रदेश द्वारा जारी आदेश में विद्यालय में पदस्थ उच्च माध्यमिक शिक्षक (भौतिकी) टेकचंद जैन का शिवपुरी से टीकमगढ़ जिले के सीएचएसएस जरूवा में प्रशासकीय आधार पर स्थानांतरण कर दिया गया है।
ABVP का कहना है कि विद्यालय में छात्रों की समस्याओं, शैक्षणिक व्यवस्था और छात्र हितों से जुड़े मुद्दों को लेकर लगातार ज्ञापन, आंदोलन और जनजागरण अभियान चलाया गया। परिषद ने बार-बार प्रशासन का ध्यान इन समस्याओं की ओर आकर्षित किया और स्पष्ट कहा कि छात्र हितों से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
परिषद कार्यकर्ताओं के अनुसार यह आदेश छात्र शक्ति की एकता और निरंतर संघर्ष का परिणाम है। उनका कहना है कि जब छात्र संगठित होकर न्याय की मांग करते हैं, तो प्रशासन को भी उनकी आवाज़ सुननी पड़ती है। यह केवल एक स्थानांतरण नहीं, बल्कि छात्र हितों के लिए किए गए संघर्ष की जीत है।
ABVP ने इस अवसर पर उन सभी छात्र-छात्राओं, कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने बिना किसी भय के छात्रों के अधिकारों की लड़ाई को मजबूती से आगे बढ़ाया। परिषद का कहना है कि यह जीत प्रत्येक उस छात्र की जीत है जिसने बेहतर शिक्षा व्यवस्था और जवाबदेह प्रशासन की मांग की।
परिषद ने स्पष्ट किया है कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष का विरोध नहीं, बल्कि विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुशासन और छात्र हितों की रक्षा सुनिश्चित करना है। यदि भविष्य में भी कहीं छात्रों के अधिकारों की अनदेखी होगी, तो ABVP उसी मजबूती और प्रतिबद्धता के साथ संघर्ष करती रहेगी।
"छात्र हित सर्वोपरि था, है और रहेगा। संघर्ष हमारा संकल्प है और विजय हमारी प्रेरणा।" यही संदेश देते हुए ABVP कार्यकर्ताओं ने इस कार्रवाई को छात्र शक्ति की ऐतिहासिक जीत बताया और कहा कि संगठन आगे भी छात्रों के हितों की रक्षा के लिए सदैव अग्रिम पंक्ति में खड़ा रहेगा।
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