डीप स्टेट की गिरफ्त में शिवपुरी? - दिवाकर शर्मा
क्या शिवपुरी में भी कोई डीप स्टेट है, या यह केवल एक भ्रम है? यह प्रश्न सुनने में भले ही किसी राजनीतिक थ्रिल…
क्या शिवपुरी में भी कोई डीप स्टेट है, या यह केवल एक भ्रम है? यह प्रश्न सुनने में भले ही किसी राजनीतिक थ्रिल…
कभी कभी किसी शहर को अपने ही इतिहास की कीमत बहुत देर से समझ आती है। शिवपुरी आज शायद उसी मोड़ पर खड़ा दिखाई द…
द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद पश्चिमी दुनिया ने केवल अपनी अर्थव्यवस्था और राजनीति का पुनर्निर्माण नहीं किया, बल…
शिवपुरी में आज पत्रकारिता दो तरह की दिखाई देती है। एक वह, जो सच दिखाने और जनता की आवाज उठाने के लिए होती थी…
शिवपुरी प्यासा है… पर प्रश्न यह है कि क्या शिवपुरी सचमुच पानी के अभाव से प्यासा है, या फिर उस मानसिकता से प…
शिवपुरी जिले की खनियांधाना तहसील में एक गैस एजेंसी से जुड़ा विवाद इन दिनों सोशल मीडिया पर जिस प्रकार उछाला …
एक चार वर्षीय मासूम... जिसने शायद अभी ठीक से “माँ” कहना भी नहीं सीखा होगा… जिसकी उंगलियाँ अभी स्कूल की कॉपी…
भारत आज एक ऐसे निर्णायक मोड़ पर खड़ा है जहाँ उसे यह तय करना होगा कि उसकी शिक्षा व्यवस्था राष्ट्रनिर्माण का …
शिवपुरी की राजनीति का इतिहास बड़ा विचित्र रहा है। यहां कभी पानी के टैंकरों से शुरू हुई सहानुभूति की राजनीति स…
तमिलनाडु की राजनीति में एक बार फिर सिनेमा का परदा सत्ता के गलियारों तक पहुँचता दिखाई दे रहा है। दक्षिण भारत…
सन 2008 में जब भारत की धरती पर इंडियन प्रीमियर लीग अर्थात IPL का पहला शंखनाद हुआ था, तब इसे केवल क्रिकेट के…
पश्चिम बंगाल की 2016 से 2026 तक की राजनीतिक यात्रा केवल चुनावी आँकड़ों की कहानी नहीं है, बल्कि यह उस भूचाल …
शिवपुरी। शहर के बीचों-बीच बसे मटका पार्क, गांधी पार्क, पुरानी अनाज मंडी और पुराने रेलवे स्टेशन का इलाका इन …
विवादों की धूल इतनी घनी हो चुकी है कि उसमें परंपराओं की पहचान तक दबती जा रही है। कभी जिस सिद्धेश्वर मेले का…
9 अप्रैल को जारी हुई ट्रांसफर लिस्ट के बाद शिवपुरी में एक नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है - अर्पित वर्मा। श्यो…
शिवपुरी में पत्रकारिता अब कई बार खबरों की नहीं, बल्कि नकाबों की दुनिया लगने लगी है। सवाल यह नहीं कि पत्रकार…
देश एक बार फिर उस मोड़ पर खड़ा है जहाँ अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर सांस्कृतिक असंवेदनशीलता को वैध ठह…