The Real History – डॉ.विवेक आर्य

भारत देश का इतिहास अत्यंत महान और प्रेरणादायक हैं। विडंबना यह हैं की 1200 वर्ष की गुलामी के पश्चात भारत वर्ष का जो इतिहास लिखा गया उसमे...

भारत देश का इतिहास अत्यंत महान और प्रेरणादायक हैं। विडंबना यह हैं की 1200 वर्ष की गुलामी के पश्चात भारत वर्ष का जो इतिहास लिखा गया उसमे मुस्लिम और ईसाई लेखकों ने इतिहास को निष्पक्षता से लिखने के स्थान पर अपने धार्मिक पूर्वाग्रह के कारण उन तथ्यों को ज्यादा प्राथमिकता दी हैं जिनसे यह प्रतीत हो को भारत पराजितों की भूमि रही हैं। यहाँ के लोग असभ्य और गँवार थे।

हमें यह तो बताया जाता हैं की चंद घुड़सवारों के साथ गोरी, गजनी यहाँ हमला करते थे और यहाँ के हिन्दू राजा ताश के पत्तों के समान गिरते जाते थे पर यह नहीं बताया जाता की पश्चिम का विजेता सिकंदर के सैनिक साढ़े छ फुट कद के बलशाली पोरस राजा और उनकी सेना से एक युद्ध करने के बाद ही अपना मनोबल खो बैठे थे और सिकन्दर को अपना विश्व विजेता बनने का सपना छोड़कर वापिस अपने देश जाना पड़ा था। हमें यह भी नहीं पढ़ाया जाता की सिकंदर के पश्चात उसके सेनापति सेलुकस ने भारत पर फिर से हमला किया तो उसे महान चन्द्रगुप्त मौर्य से मुँह की खानी पड़ी थी और अपनी बेटी , अपना भू भाग देकर उसने भारत से पीछा छुड़वाया था।

भारत के वीरों ने ग्रीक,हुण,शक,कम्बोज,मंगोल आदि अनेक विदेशी जातियों को भारत पर आक्रमण करने की सजा दी थी। अधिकतर को सम्बन्ध स्थापित करके भारतीय संस्कृति और सभ्यता का अंग बना लिया था।

भारत वासियों के विषय में विदेशी इतिहास सर रोबर्ट लेथ ब्रिज अपनी पुस्तक “थी हिस्ट्री ऑफ़ इंडिया” में लिखते हैं की

Greek Accounts of the Ancient Hindus-

The most striking points about the Greek Accounts of the state of India at this time are

1. Their General agreement with the accounts in Manu

2. The little change that has since occurred during two thousand years.

3. The favorable impression which the manners and condition of the Hindus made on the Greeks. The men are described as brave than any Asiatics whom the Greek have yet met and singularly truthful. They are said to be sober, temperate and peaceable; remarkable for simplicity and integrity; honest and averse to litigation.

Reference- page 25

The History of India by Sir Roper Let bridge London, 1896

ग्रीक लोगों के अनुसार भारतीय लोग मनु स्मृति को मानते थे, पिछले दो हजार वर्षों से वे उनमें किसी भी परकार का कोई परिवर्तन नहीं हुआ हैं। वे संयमी,नियमित ,शांतिप्रिय स्वाभाव के हैं, निष्कपटता और सत्यनिष्ठा के लिए जाने जाते हैं, वे ईमानदार हैं और लड़ाई-झगड़ों से कोसो दूर हैं।

कहाँ पश्चिमी इतिहासकारों द्वारा भारतीयों को असभ्य कहना और वेदों को गड़रियों के गीत कहना कहाँ ग्रीक लेखकों द्वारा यहाँ के चरित्र और बल की उन्मुक्त कंठ से प्रशंसा करना।

मैगस्थनीज ने लिखा हैं “सम्पूर्ण भारत स्वतंत्र हैं। उसमें कोई दास नहीं। भारतियों के मित्र पड़ोसी लैकिडिमोनियन (Lacedaemonian) हेलट (helet) जाति वालों को दास बनाकर उनसे नीच दर्जे का काम करते हैं परन्तु भारतीय लोग अपने शत्रुओं से भी दास का व्यवहार नहीं करते। “- सन्दर्भ- Fragments of India,Magasthenese. Frag 26
Lacedaemonia 

पुराने समय में ग्रीस को कहा जाता था।

इस सन्दर्भ से हम जान सकते हैं की प्राचीन भारत में हमारे महान आर्यव्रत देश में मानव अधिकारों को कितनी प्राथमिकता दी जाती थी जबकि इस्लामिक देशों में दास प्रथा थी।

आवश्यकता हैं इतिहास को दोबारा से लिखने की जिससे पराजय का मानसिक बोध सदा सदा के लिए हमारे मस्तिष्क से मिट जाये।

COMMENTS

नाम

अखबारों की कतरन अपराध आंतरिक सुरक्षा इतिहास उत्तराखंड ओशोवाणी कहानियां काव्य सुधा खाना खजाना खेल चिकटे जी तकनीक दुनिया रंगविरंगी देश धर्म और अध्यात्म पर्यटन पुस्तक सार प्रेरक प्रसंग बीजेपी बुरा न मानो होली है भगत सिंह भोपाल मध्यप्रदेश मनुस्मृति मनोरंजन महापुरुष जीवन गाथा मेरा भारत महान मेरी राम कहानी राजीव जी दीक्षित लेख विज्ञापन विडियो विदेश वैदिक ज्ञान शिवपुरी संघगाथा संस्मरण समाचार समाचार समीक्षा साक्षात्कार सोशल मीडिया स्वास्थ्य
false
ltr
item
क्रांतिदूत: The Real History – डॉ.विवेक आर्य
The Real History – डॉ.विवेक आर्य
https://2.bp.blogspot.com/-lWkzR8yuP8I/VxyYwH7VirI/AAAAAAAAEyA/a3U4GJaGZPUEfdC6xuigP_UeWjATXyT6gCLcB/s400/the%2Breal%2Bstory.JPG
https://2.bp.blogspot.com/-lWkzR8yuP8I/VxyYwH7VirI/AAAAAAAAEyA/a3U4GJaGZPUEfdC6xuigP_UeWjATXyT6gCLcB/s72-c/the%2Breal%2Bstory.JPG
क्रांतिदूत
http://www.krantidoot.in/2016/04/the-real-history-Dr-Vivek-Arya.html
http://www.krantidoot.in/
http://www.krantidoot.in/
http://www.krantidoot.in/2016/04/the-real-history-Dr-Vivek-Arya.html
true
8510248389967890617
UTF-8
Not found any posts VIEW ALL Readmore Reply Cancel reply Delete By Home PAGES POSTS View All RECOMMENDED FOR YOU LABEL ARCHIVE SEARCH ALL POSTS Not found any post match with your request Back Home Sunday Monday Tuesday Wednesday Thursday Friday Saturday Sun Mon Tue Wed Thu Fri Sat January February March April May June July August September October November December Jan Feb Mar Apr May Jun Jul Aug Sep Oct Nov Dec just now 1 minute ago $$1$$ minutes ago 1 hour ago $$1$$ hours ago Yesterday $$1$$ days ago $$1$$ weeks ago more than 5 weeks ago Followers Follow THIS CONTENT IS PREMIUM Please share to unlock Copy All Code Select All Code All codes were copied to your clipboard Can not copy the codes / texts, please press [CTRL]+[C] (or CMD+C with Mac) to copy