9 अगस्त पर करो विचार, चीनी सामान भारत छोड़ो आंदोलन की दरकार - सुरेश हिन्दुस्थानी

भारतीय बाजारों में जिस प्रकार से चीनी वस्तुओं का आधिपत्य दिखाई दे रहा है, उससे यही लगता है कि देश में एक और भारत छोड़ो आंदोलन की महती आवश...




भारतीय बाजारों में जिस प्रकार से चीनी वस्तुओं का आधिपत्य दिखाई दे रहा है, उससे यही लगता है कि देश में एक और भारत छोड़ो आंदोलन की महती आवश्यकता है। यह बात सही है कि आज देश में अंग्रेज नहीं हैं, लेकिन भारत छोड़ो आंदोलन के समय जिस भाव का प्रकटीकरण किया गया, आज भी वैसे ही राष्ट्र भाव के प्रकटीकरण की आवश्यकता दिखाई देने लगी है। हम सभी चीनी वस्तुओं का त्याग करके चीन को सबक सिखा सकते हैं। यह समय की मांग भी है और देश को सुरक्षित करने का तरीका भी है। हम देश की सीमा पर जाकर राष्ट्र की सुरक्षा नहीं कर सकते तो चीनी वस्तुओं का बहिष्कार करके सैनिकों का उत्साह वर्धन तो कर ही सकते हैं। तो क्यों न हम आज ही इस बात का संकल्प लें कि हम जितना भी और जैसे भी हो सकेगा, देश की रक्षा के लिए कुछ न कुछ अवश्य ही करेंगे।

भारत को अंग्रेजों की गुलामी से मुक्त कराने के लिए जिन महापुरुषों ने जैसे स्वतंत्र भारत की कल्पना की थी, वर्तमान में वह कल्पना धूमिल होती दिखाई दे रही है। महात्मा गांधी ने सीधे तौर पर स्वदेशी वस्तुओं के प्रति आग्रह को राष्ट्रप्रेम का पर्याय माना था, पर क्या यह भाव आज हमारे विचारों में दिखाई देता है? कदाचित नहीं। वर्तमान में जो राजनीतिक दल महात्मा गांधी के नाम के सहारे जिन्दा हैं, उनमें भी देश भाव का अंश दिखाई नहीं देता। 

यह राष्ट्रभाव ही था, जिसने अंग्रेजों को भारत छोड़ने के लिए मजबूर किया था। सभी स्वतंत्रता संग्राम के नायकों, महापुरुषों का एक ही ध्येय था कि कैसे भी हो देश में स्वदेशी भावना का विस्तार होना चाहिए, फिर चाहे हमारे दैनिक जीवन में उपयोग आने वाली वस्तुओं का मामला हो या फिर शिक्षा पद्धति का। सभी में स्वदेशी का भाव प्रकट होना चाहिए। 

वास्तव में देश धर्म क्या होता है, इसे जानना है तो हमें किसी सैनिक से पूछना चाहिए। वह यही जवाब देगा कि देश धर्म का मूल्य प्राण देकर भी नहीं चुकाया जा सकता। इसके लिए सुख सुविधाओं का त्याग करना पड़ेगा। सुविधाओं का त्याग करने वाला समाज ही अपनी और अपने समाज की रक्षा कर सकता है।

आज जाने अनजाने में हमारे घरों में स्वदेशी की जगह विदेशी वस्तुओं ने ले ली है। चीनी वस्तुएं हमारे घरों की शोभा बन रही हैं। जरा सोचिए कि जो देश हमारे देश पर आक्रमण करने की ताक में दिखाई दे रहा है, उसी देश का सामान हम अपने घरों में लाकर उसको महत्व दे रहे हैं। हम अपने घर में चीनी सामान को देखकर खुश हो रहे हैं और चीन हमसे ही कमाए गए पैसे की दम पर हमारे देश को आंख दिखा रहा है। सचाई तो यह है कि वर्तमान में हम मतिभ्रम का शिकार हो गए हैं। 

हमें पहले इस बात का अध्ययन करना होगा कि हमारा देश गुलामी की जंजीरों में कैसे जकड़ा। इसका सीधा सा जवाब यही होगा कि हमने हमारे देश में अंग्रेजों द्वारा संचालित की जा जाने वाली ईस्ट इंडिया कंपनी के उत्पादों को खरीदना प्रारंभ कर दिया। उससे स्वावलंबी भारत आर्थिक तौर से परावलंबी होता गया और देश की आर्थिक प्रगति पूरी तरह से अंग्रजों पर निर्भर हो गई। इसके परिणाम स्वरुप हम आर्थिक रूप से परतंत्र हो चुके थे। अब जरा सोचिए कि जब एक विदेशी कंपनी ने भारत को गुलाम बना दिया था, तब आज तो देश में हजारों विदेशी कंपनियां व्यापार कर रही हैं। देश किस दिशा की ओर जा रहा है। 

अंग्रेजों की परतंत्रता की जकड़न से मुक्त होने के लिए हमारे देश के महापुरूषों ने 1942 में भारत छोड़ो आंदोलन का शंखनाद किया। इस आंदोलन के मूल में अंग्रेजों को भारत छोड़ने के लिए मजबूर करना था, इसके साथ ही अंग्रेजियत को भी भारत से भगाने की संकल्पना भी इसमें समाहित थी। इस आंदोलन में जहां विदेशियों के प्रति देश के जनमानस में नकारात्मक भाव जाग्रत हुआ, वहीं स्वदेशी यानी देश भक्ति की भावना का प्रकटीकरण हुआ। ऐसे ही आंदोलनों के चलते देश भाव को प्रकट करने के लिए विदेशी वस्तुओं की होली जलाई जाती थी जिसके पीछे एक मात्र उद्देश्य यही था कि भारतीय जन स्वदेशी भाव को हमेशा जागृत रखें और अपने देश में निर्मित सामानों का ही उपयोेग करें। 

लेकिन आज के वातावरण का अध्ययन करने से पता चलता है कि आज हमारे देश में सैंकड़ों बहुराष्ट्रीय कंपनियां व्यापार के माध्यम से हमारे देश को लूट रहीं हैं। हम अनजाने में विदेशी वस्तुओं को खरीदकर अपने आपको आर्थिक गुलामी की ओर धकेल रहे हैं। जैसा कि हम जानते हैं कि वर्तमान में भारतीय बाजार चीनी वस्तुओं से भरे पड़े हैं। उसे भारतीय लोग खरीद भी रहे हैं, लेकिन क्या हम जानते हैं कि इन वस्तुओं से प्राप्त आय का बहुत बड़ा भाग चीन को आर्थिक संपन्नता प्रदान कर रहा है। भारत के पैसे से जहां चीन आर्थिक समृद्धि प्राप्त कर रहा है, वहीं भारत कमजोर होता जा रहा है। यह सारा काम भारत की ऐसी जनता कर रही है, जो अपने आप को प्रबुद्ध कहती है। इससे ऐसा लगता है कि भारत में एक और भारत छोड़ो आंदोलन की आवश्यकता है। वर्तमान में हम सभी का एक ही उद्देश्य होना चाहिए - चीनी वस्तुएं भारत छोड़ो। इसके लिए जिस प्रकार से जनांदोलन खड़ा करके अंग्रेजों को देश से बाहर किया, उसी प्रकार के जनांदोलन द्वारा देशवासियों को चीनी वस्तुओं का बहिष्कार करके देश से बाहर करना है।
(लेखक वरिष्ठ स्तंभकार और राजनीतिक विश्लेषक हैं)
102 शुभदीप अपार्टमेंट, कमानीपुल के पास
लक्ष्मीगंज, लश्कर ग्वालियर मध्यप्रदेश
पिन-474001
मोबाइल-9425101815
9770015780

COMMENTS

नाम

अखबारों की कतरन अपराध आंतरिक सुरक्षा इतिहास उत्तराखंड ओशोवाणी कहानियां काव्य सुधा खाना खजाना खेल चिकटे जी तकनीक दुनिया रंगविरंगी देश धर्म और अध्यात्म पर्यटन पुस्तक सार प्रेरक प्रसंग बीजेपी बुरा न मानो होली है भगत सिंह भोपाल मध्यप्रदेश मनुस्मृति मनोरंजन महापुरुष जीवन गाथा मेरा भारत महान मेरी राम कहानी राजीव जी दीक्षित लेख विज्ञापन विडियो विदेश वैदिक ज्ञान शिवपुरी संघगाथा संस्मरण समाचार समाचार समीक्षा साक्षात्कार सोशल मीडिया स्वास्थ्य
false
ltr
item
क्रांतिदूत: 9 अगस्त पर करो विचार, चीनी सामान भारत छोड़ो आंदोलन की दरकार - सुरेश हिन्दुस्थानी
9 अगस्त पर करो विचार, चीनी सामान भारत छोड़ो आंदोलन की दरकार - सुरेश हिन्दुस्थानी
https://4.bp.blogspot.com/-sgzGmW6FyEU/WYpjP69hvSI/AAAAAAAAINE/QEGaQnATQqA0UqJzjJwz344j-cLXSZ7QACLcBGAs/s1600/4.jpg
https://4.bp.blogspot.com/-sgzGmW6FyEU/WYpjP69hvSI/AAAAAAAAINE/QEGaQnATQqA0UqJzjJwz344j-cLXSZ7QACLcBGAs/s72-c/4.jpg
क्रांतिदूत
http://www.krantidoot.in/2017/08/Special-message-of-nine-August-boycott-Chinese-Goods.html
http://www.krantidoot.in/
http://www.krantidoot.in/
http://www.krantidoot.in/2017/08/Special-message-of-nine-August-boycott-Chinese-Goods.html
true
8510248389967890617
UTF-8
Not found any posts VIEW ALL Readmore Reply Cancel reply Delete By Home PAGES POSTS View All RECOMMENDED FOR YOU LABEL ARCHIVE SEARCH ALL POSTS Not found any post match with your request Back Home Sunday Monday Tuesday Wednesday Thursday Friday Saturday Sun Mon Tue Wed Thu Fri Sat January February March April May June July August September October November December Jan Feb Mar Apr May Jun Jul Aug Sep Oct Nov Dec just now 1 minute ago $$1$$ minutes ago 1 hour ago $$1$$ hours ago Yesterday $$1$$ days ago $$1$$ weeks ago more than 5 weeks ago Followers Follow THIS CONTENT IS PREMIUM Please share to unlock Copy All Code Select All Code All codes were copied to your clipboard Can not copy the codes / texts, please press [CTRL]+[C] (or CMD+C with Mac) to copy