महान राष्ट्रवादी क्रांतिकारी "शचीन्द्रनाथ सान्याल"

महान राष्ट्रवादी क्रांतिकारी "शचीन्द्रनाथ सान्याल", बंदी जीवन, कालापानी,

महान क्रांतिकारी नेता शचीन्द्रनाथ सान्याल सन १८९३ में वाराणसी (उत्तर प्रदेश) में जन्मे थे ! वे वाराणसी निवासी श्री हरिनाथ सान्याल के सुपुत्र थे तथा उनके लगभग सभी भाई सर्वश्री जितेन्द्रनाथ सान्याल, भूपेन्द्रनाथ सान्याल, रविन्द्रनाथ सान्याल स्वातंत्र्य- संघर्ष में सम्मिलित रहने के कारण कारागार में रहे ! भूपेन्द्र सान्याल यदि काकोरी काण्ड के समय बंदी रहे तो जीतेन्द्र सान्याल सरदार भगत सिंह आदि के लाहोर षड़यंत्र केस के समय कारावास काटते रहे ! भूपेन्द्र दा पक्के राष्ट्रवादी थे !

शचीन दा जैसे विप्लवी शताब्दी में कभी कभी ही जन्म लेते है ! वे सन १९०९ में कलकत्ता में विप्लवी दल में सम्मिलित होकर सशस्त्र स्वतंत्रता-संग्राम में सक्रीय हुए और सन १९१५ में जब पूरे भारत में सेना में छावनी-दर-छावनी क्रांति का शंखनाद गुंजाने की योजना बनी तो उस समय शचीन दा ही रास बिहारी बोस के प्रमुख सहयोगी किंवा दाहिने हाथ थे ! शचीन दा लाहोर षड़यंत्र तथा बनारस-षड़यंत्र दोनों में ही बंदी बनाए गए ! १९१५ में वे बंदी बना लिए गए और आजीवन काले पानी का दंड देकर अंडमान भेज दिए गए ! उस समय वाराणसी में जो इनका पैतृक घर था, उसे भी दमनकारी ब्रिटिश सरकार ने बलात जब्त कर लिया था !

पुनः मिला काला पानी 

5 वर्ष बाद जब फिर सन १९२० में ब्रिटिश सरकार ने शाही (रॉयल) आम माफ़ी (सर्वक्षमा) की घोषणा की तो शचीन दा भी अंडमान द्वीप समूह के कारावास से मुक्त होकर काशी लौटे ! परन्तु एक बार काले पानी के त्रासद कारावास में रह आने पर भी शचीन दा निष्क्रिय होकर घर नहीं बैठे वरन उन्होंने पुनः उत्तर प्रदेश में अनुशीलन समिति का संगठन किया तथा उस समय कारागारों में राजनैतिक बंदियों की जो दुर्दशा थी उस पर अनेक लेख लिख कर पात्र पत्रिकाओं में प्रकाशित करवाए ! फिर इस उद्योग में भी सलग्न हुए कि भारत में विराट क्रांति के लिए दक्षिण-पश्चिम एशिया के मार्ग से किस प्रकार गोला बारूद और शस्त्रास्त्र मंगाए जाएँ !इस प्रसंग में वे सन १९२० में ही, जबकि उसी वर्ष वे काले पानी से मुक्त हुए थे, फिर से २५ फरवरी को बंदी बना लिए गए ! इस समय उन्हें 2 वर्ष का कठोर कारावास दिया गया ! अभी शचीन दा यह कारावास भुगत ही रहे थे कि उनपर काकोरी षड़यंत्र में सक्रीय रूप से सम्मिलित रहने का मुक़दमा थोप दिया गया, जिसमे अदालत ने उन्हें दुबारा आजीवन काले पानी का दंड सुनाया ! फलतः शचीन दा दुबारा अंडमान द्वीप-समूह भेज दिए गए ! वीर सावरकर के अतिरिक्त दुबारा काले पानी का दंड शचीन्द्रनाथ सान्याल को ही दिया गया था और सावरकर बंधुओं की ही भांति ये सब सान्याल-बंधू भी कारागारों में लम्बी सजाएं काटते रहे थे !

राजद्रोह का आरोप 

फिर जब सन १९३९ में अंडमान द्वीप-समूह से राजनैतिक बंदियों का सामान्य प्रत्यावर्तन हुआ, उस समय शचीन दा भी १९ वर्ष अंडमान में बिता कर वाराणसी लौटे ! अनंतर जब सन १९४१ में विश्व-युद्ध चल रहा था और नेताजी सुभाष चन्द्र बोस दक्षिण पूर्व एशियाई देशों में आजाद हिन्द फौज के द्वारा ब्रिटिश सेना से संघर्ष कर रहे थे, उस समय शचीन दा को तीसरी बार यह आरोप लगा कर बंदी बना लिया गया कि वे विदेशी शक्ति (जापान देश) से सांठ-गाँठ कर भारत में ब्रिटिश सरकार के विरुद्ध राजद्रोह कर ब्रिटिश शासन को उखाड़ फैंकने के लिए गुप्त रूप से षड़यंत्र रच रहे है ! इसी अभियोग में शचीन दा तीसरी बार बंदी के रूप में राजस्थान में अजमेर के पास देवली कैंप में भेज दिए गए, जहाँ उन्हें क्षय (तपेदिक) रोग ने बुरी तरह ग्रस लिया ! जब उनकी दशा क्षय (टीबी) से बहुत जर्जर हो गयी तो ब्रिटिश सरकार ने उन्हें देवली कैंप जेल से तो छोड़ दिया, परन्तु तत्काल गोरखपुर में नजरबंदी की स्थिति में ला रखा- घर नहीं जाने दिया, न नजरबंदी से मुक्त ही किया ! उसी नजरबंदी की दशा में क्षय से पीड़ित शचीन दा दो वर्ष घोर यातनाएं सहकर सन १९४३ की जनवरी में गोरखपुर में ही मातृभूमि के चरणों में बलिदान हो गए ! कितना कष्ट, दुःख, निर्धनता, विपदाएं, यातनाएं यहाँ तक कि अकाल मृत्यु भी अपने गले लगाई उस क्रांति-धर्मी ने, यह आज सत्ता-राजनीति में लिप्त राजनीतिक नेता और शासन न सोच सकते है, न अनुभव कर सकते है !

प्रेरक जीवन कथा 

शचीन दा का त्याग-बलिदानमय जीवन एक बड़ी रोमांचकारी और प्रेरक जीवन-कथा है ! उन्होंने देश और समाज से कभी (बदले में) कोई प्रतिदान नहीं चाहा, केवल अपनी और से सब कुछ समाज-हित में, राष्ट्र की वेदी पर अर्पित ही करते गए ! उल्लेखनीय बात यह है कि वे विवाहित थे, बच्चा भी था पत्नी की गोद में और उसी अवस्था में वे एक बार भूमिगत होकर पत्नी-बच्चे सहित जब पाण्डिचेरी में आश्रय के लिए भटक रहे थे ! पूर्व-परिचित स्नेही मित्रों ने भी उस आश्रयहीन विप्लवी की और से मुख मोड़ लिया था ! गोद में बच्चे के लिए छटांक भर दूध के लिए भी उस दिन पाण्डिचेरी में, तरस गयी थी एक माँ- शचीन दा की सहधर्मिणी प्रतिमा देवी !

शचीन दा बड़े ही सिद्धहस्त लेखक भी थे, ब्रिटिशकाल में उनका लिखा 'बंदी जीवन', जो अंग्रेजों द्वारा जब्त कर लिया गया था, शायद ही कोई विप्लवी होगा जिसने नहीं पढ़ा हो ! बहुत कुछ पढने-लिखने-मनन करने वाले होते हुए भी वे कभी कम्युनिष्ट नहीं बने ! उनका कहना था - "जो कम्युनिज्म हमें परमहंस रामकृष्ण तथा स्वामी विवेकानंद नहीं दे सकता, वह हमें नहीं चाहिए !" वे पक्के राष्ट्रवादी क्रांतिकारी थे ! उनका चिंतन आज भी प्रासंगिक है !

COMMENTS

नाम

अखबारों की कतरन अपराध आंतरिक सुरक्षा इतिहास उत्तराखंड ओशोवाणी कहानियां काव्य सुधा खाना खजाना खेल चिकटे जी तकनीक दुनिया रंगविरंगी देश धर्म और अध्यात्म पर्यटन पुस्तक सार प्रेरक प्रसंग बीजेपी बुरा न मानो होली है भगत सिंह भारत संस्कृति न्यास भोपाल मध्यप्रदेश मनुस्मृति मनोरंजन महापुरुष जीवन गाथा मेरा भारत महान मेरी राम कहानी राजीव जी दीक्षित लेख विज्ञापन विडियो विदेश वैदिक ज्ञान व्यंग व्यक्ति परिचय शिवपुरी संघगाथा संस्मरण समाचार समाचार समीक्षा साक्षात्कार सोशल मीडिया स्वास्थ्य
false
ltr
item
क्रांतिदूत: महान राष्ट्रवादी क्रांतिकारी "शचीन्द्रनाथ सान्याल"
महान राष्ट्रवादी क्रांतिकारी "शचीन्द्रनाथ सान्याल"
महान राष्ट्रवादी क्रांतिकारी "शचीन्द्रनाथ सान्याल", बंदी जीवन, कालापानी,
https://2.bp.blogspot.com/-XMZhjfLFxPA/WBnanKcsVrI/AAAAAAAAGNs/0cpC8VbaWGU0uF5rugcCveCoMKFfEJGTACLcB/s400/Shachindra-Nath-Sanyal%2B%25281%2529.jpg
https://2.bp.blogspot.com/-XMZhjfLFxPA/WBnanKcsVrI/AAAAAAAAGNs/0cpC8VbaWGU0uF5rugcCveCoMKFfEJGTACLcB/s72-c/Shachindra-Nath-Sanyal%2B%25281%2529.jpg
क्रांतिदूत
http://www.krantidoot.in/2016/11/Great-nationalist-revolutionary-Shachindranath-Sanyal.html
http://www.krantidoot.in/
http://www.krantidoot.in/
http://www.krantidoot.in/2016/11/Great-nationalist-revolutionary-Shachindranath-Sanyal.html
true
8510248389967890617
UTF-8
Not found any posts VIEW ALL Readmore Reply Cancel reply Delete By Home PAGES POSTS View All RECOMMENDED FOR YOU LABEL ARCHIVE SEARCH ALL POSTS Not found any post match with your request Back Home Sunday Monday Tuesday Wednesday Thursday Friday Saturday Sun Mon Tue Wed Thu Fri Sat January February March April May June July August September October November December Jan Feb Mar Apr May Jun Jul Aug Sep Oct Nov Dec just now 1 minute ago $$1$$ minutes ago 1 hour ago $$1$$ hours ago Yesterday $$1$$ days ago $$1$$ weeks ago more than 5 weeks ago Followers Follow THIS CONTENT IS PREMIUM Please share to unlock Copy All Code Select All Code All codes were copied to your clipboard Can not copy the codes / texts, please press [CTRL]+[C] (or CMD+C with Mac) to copy