क्रांतिदूत

क्या सचमुच राम जन्मभूमि मंदिर अब शीघ्र बन पायेगा ?

आज सुबह सुबह सुब्रमण्यम स्वामी जी का ट्वीट पढ़ा – 

हर घर भगवा छाएगा राम राज्य फिर आएगा
एक ही नारा एक ही नाम, जय श्रीराम, जय श्रीराम... 

उनका उत्साह समझ में आता है | उन्होंने पहले ही कहा था कि इस्लाम में मस्जिद की अनिवार्यता का मामला अगर सात जज बेंच के लिए भेजा जाएगा तो उसका अर्थ होगा अयोध्या मामले का लम्बा लटकना | उसके बाद तो बस संसद से क़ानून बनाना ही एकमात्र मार्ग बचेगा | किन्तु अगर सात जज बेंच की मांग अस्वीकार हुई, तो उसका अर्थ होगा अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का रास्ता साफ़ होना | 

यह स्वाभाविक भी था, क्योंकि जब सड़क पर, रेलवे प्लेटफार्म पर, बल्कि रेलवे लाईन पर भी, जब नमाज अता की जा सकती है, तो मस्जिद की अनिवार्यता तो है नहीं | इस सीधी सी बात को समझते हुए सर्वोच्च न्यायालय के चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा ने अपने कार्यकाल में राम मंदिर का फैसला भले ही नहीं किया पर यह फैसला जल्दी से जल्दी आ जाए इसका रास्ता साफ कर दिया । वे दो अक्टूबर को रिटायर हो रहे हैं। पर उससे पहले उन्होंने यह फैसला सुना दिया कि इस्लाम में मस्जिद अनिवार्य नहीं है। साथ ही जमीन के मालिकाना हक को लेकर 29 अक्टूबर से सुनवाई की तारीख भी तय कर दी। 

लेकिन सब कुछ इतना आसान भी नहीं है | सेक्यूलर जमात की कूट मंडली हर संभव कोशिश करेगी कि राम मंदिर का फैसला लोकसभा चुनाव के पूर्व न होने पाए | कांग्रेस वंश में उत्पन्न, नए चीफ जस्टिस रंजन गोगोई तीन अक्टूबर को चीफ जस्टिस बनेंगे और वे ही नई पीठ बनाएंगे, जो इस मामले की सुनवाई करेगी। माना जा रहा है कि चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की जगह जस्टिस रंजन गोगोई बेंच के अध्यक्ष हो जाएंगे और बाकी दो सदस्य जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस एस अब्दुल नजीर होंगे। 

राममंदिर बाबरी मस्जिद विवाद में हजारों पन्नों के दस्तावेज हैं। इसमें अनेक दस्तावेजों के अदालत ने अनुवाद कराए हैं। अदालत अगर नियमित सुनवाई करे तो दिसंबर में छुट्टियां शुरू होने से पहले सुनवाई पूरी हो सकती है और जनवरी में फैसले का ऐलान भी हो सकता है। लेकिन क्या होगा, यह अभी समय के गर्भ में है । यह आधुनिक युग का राम रावण संघर्ष है | किन्तु हिन्दू चेतना भी उफान पर है, जिससे कांग्रेस जैसी पार्टी भी थर्राई हुई है | धुर ईसाई माँ और मुस्लिम दादा के वंशज भी स्वयं को शिवभक्त जनेऊधारी ब्राह्मण बताने पर तुले हुए है | अतः आशा की जानी चाहिए कि सब विघ्नवाधाओं को पारकर हिन्दू अस्मिता का प्रतीक राम मंदिर शीघ्र बनेगा |

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