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शिमला में आईआईएएस का डायमंड जुबली समारोह 11 अक्टूबर से

 




शिमला। भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान (आईआईएएस), राष्ट्रपति निवास, शिमला में संस्थान की छह दशक की बौद्धिक यात्रा और ज्ञान-साधना के गौरवशाली इतिहास को समर्पित डायमंड जुबली सप्ताह समारोह का आयोजन 11 से 15 अक्टूबर 2026 तक किया जाएगा। पांच दिवसीय इस विशेष आयोजन में साहित्य, इतिहास, कला, भारतीय ज्ञान परंपरा और सांस्कृतिक विरासत के विविध आयाम देखने को मिलेंगे। समारोह के दौरान विशेष व्याख्यानों, कला प्रदर्शनी, पुस्तक मेले और डिजिटाइज्ड दुर्लभ पांडुलिपियों के पुस्तकालय पोर्टल का शुभारंभ प्रमुख आकर्षण रहेंगे।


समारोह के पहले दिन 11 अक्टूबर को सुबह 11 बजे भारतीय ऐतिहासिक अनुसंधान परिषद (आईसीएचआर), नई दिल्ली के अध्यक्ष एवं पद्मश्री सम्मान से अलंकृत प्रो. रघुवेंद्र तंवर जम्मू, कश्मीर और लद्दाख के ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य पर विशेष व्याख्यान देंगे। ‘जम्मू, कश्मीर और लद्दाख थ्रू द एजेज: एन ओवरव्यू ऑफ हिस्टोरिसिटी, इश्यूज एंड इवेंट्स’ विषय पर केंद्रित यह व्याख्यान क्षेत्र के इतिहास, प्रमुख घटनाक्रमों और उनसे जुड़े विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डालेगा।


समारोह के दौरान 11 से 15 अक्टूबर तक ‘भारतीय स्वरूप, अभिव्यक्ति और चेतना’ विषय पर कला प्रदर्शनी भी आयोजित की जाएगी। कलाकार निशा जायसवाल की इस प्रदर्शनी में भारतीय महाकाव्यों, कला रूपों और सांस्कृतिक अभिव्यक्तियों से प्रेरित कलाकृतियां प्रदर्शित की जाएंगी। 11 अक्टूबर को प्रख्यात कथक नृत्यांगना शोवना नारायण प्रदर्शनी का उद्घाटन करेंगी। यह प्रदर्शनी भारतीय कला और सांस्कृतिक चेतना के विविध रंगों को समझने का अवसर प्रदान करेगी।


भारतीय ज्ञान परंपरा और पुरातात्विक विरासत पर विमर्श को आगे बढ़ाते हुए 12 अक्टूबर को सुबह 11 बजे डेक्कन कॉलेज पोस्ट-ग्रेजुएट एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट, पुणे के पूर्व कुलपति प्रो. वसंत शिंदे विशेष व्याख्यान देंगे। ‘भारतीय ज्ञान प्रणाली का विकास : राखीगढ़ी के विशेष संदर्भ में पुरातात्विक परिप्रेक्ष्य’ विषय पर उनका व्याख्यान प्राचीन सभ्यताओं, पुरातात्विक साक्ष्यों और भारत की ज्ञान परंपरा के बीच संबंधों को रेखांकित करेगा। राखीगढ़ी के संदर्भ में यह चर्चा भारतीय इतिहास और प्राचीन समाज को समझने की दृष्टि से महत्वपूर्ण होगी।


13 अक्टूबर को सुबह 10:30 बजे भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय में कार्यरत आईसीएएस अधिकारी श्री अखिलेश झा ‘वंदे मातरम्’ विषय पर विशेष व्याख्यान प्रस्तुत करेंगे। इसके अतिरिक्त समारोह के दौरान आईआईएएस के डिजिटाइज्ड दुर्लभ पांडुलिपि पुस्तकालय पोर्टल का उद्घाटन भी किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य दुर्लभ पांडुलिपियों और महत्वपूर्ण ज्ञान संसाधनों तक डिजिटल माध्यम से शोधकर्ताओं, विद्यार्थियों तथा पाठकों की पहुंच को बढ़ावा देना है।


डायमंड जुबली सप्ताह का एक प्रमुख आकर्षण पांचों दिन आयोजित होने वाला पुस्तक मेला रहेगा। 11 से 15 अक्टूबर तक प्रतिदिन सुबह 11 बजे से शाम 7 बजे तक चलने वाले इस मेले में देश-विदेश के प्रतिष्ठित प्रकाशकों की पुस्तकों और प्रकाशनों का विविध संग्रह उपलब्ध होगा। पुस्तक प्रेमियों, विद्यार्थियों, शोधार्थियों और साहित्य में रुचि रखने वाले लोगों के लिए यह आयोजन ज्ञान और साहित्य की दुनिया से जुड़ने का विशेष अवसर होगा।


भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान परिसर, राष्ट्रपति निवास, शिमला में आयोजित होने वाले इस समारोह के दौरान पुस्तक मेले और कला प्रदर्शनी में प्रवेश निःशुल्क रहेगा तथा इन गतिविधियों के लिए आगंतुकों का प्रवेश टिकट भी माफ किया जाएगा। संस्थान ने विद्वानों, विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं, कलाकारों, पाठकों और आम नागरिकों से इस आयोजन में भाग लेने की अपील की है।


आईआईएएस का यह डायमंड जुबली सप्ताह केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि भारत की ऐतिहासिक चेतना, बौद्धिक परंपराओं, साहित्यिक विरासत और कलात्मक अभिव्यक्तियों को एक मंच पर लाने का प्रयास है। पांच दिनों तक चलने वाले ये आयोजन ज्ञान, संस्कृति और इतिहास के प्रति नई पीढ़ी की रुचि बढ़ाने के साथ ही शोध और संवाद की समृद्ध परंपरा को आगे बढ़ाने का अवसर प्रदान करेंगे।


डॉ. अखिलेश पाठक, जनसंपर्क अधिकारी, आईआईएएस, शिमला

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