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वनडे टिकट घोटाला? 1 मिनट में बिके 27 हजार टिकट पर जांच की मांग

 

इंदौर में रविवार को हुए अंतरराष्ट्रीय वनडे क्रिकेट मैच के टिकटों की बिक्री को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। जनसुनवाई में पहुंचे भाजपा के पूर्व पार्षद संजय कटारिया और बड़ी संख्या में क्रिकेट प्रेमियों ने कलेक्टर शिवम वर्मा को शिकायत सौंपते हुए मांग की कि इस बात की निष्पक्ष जांच कराई जाए कि आखिर 27 हजार से अधिक टिकट महज 1 मिनट में कैसे बिक गए।

क्रिकेट प्रेमियों ने अपने आवेदन में कहा कि वे वर्षों से इंदौर में होने वाले क्रिकेट मैच देखते आ रहे हैं। पहले इंदौरवासियों को “पहले आओ–पहले पाओ” के आधार पर खिड़की या अन्य माध्यमों से आसानी से टिकट मिल जाते थे, लेकिन अब स्थिति बिल्कुल बदल गई है। अंतरराष्ट्रीय मैचों और आईपीएल मुकाबलों से स्थानीय क्रिकेट प्रेमियों को दूर किया जा रहा है।

शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया कि इंदौर की महारानी श्रीमती उषा राजे होल्कर ने होलकर स्टेडियम के निर्माण के लिए विशाल भूमि निशुल्क प्रदान की थी। कई संस्थाओं ने आर्थिक सहयोग दिया और इंदौर के लोगों ने हमेशा मध्यप्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन का साथ निभाया। इसके बावजूद आज वही इंदौरवासी अपने ही शहर में होने वाले मैचों के टिकट से वंचित रह जा रहे हैं।

क्रिकेट प्रेमियों का कहना है कि 27 हजार से अधिक क्षमता वाले होलकर स्टेडियम में हर मैच में क्षमता से अधिक दर्शक नजर आते हैं, लेकिन टिकट आखिर बिकते कहां हैं, यह किसी को पता नहीं चलता। एमपीसीए द्वारा ऑनलाइन टिकट बुकिंग का प्रचार तो किया जाता है, लेकिन वेबसाइट खुलते ही 1 मिनट के भीतर सभी टिकट सोल्ड आउट हो जाना संदेह पैदा करता है।

शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि इस बार कम कीमत के टिकट खुले बाजार में ऊंचे दामों पर बेचे गए। क्रिकेट प्रेमियों ने कलेक्टर से मांग की है कि टिकट बिक्री प्रक्रिया और कथित कालाबाजारी की गंभीरता से जांच कराई जाए, ताकि खेल प्रेमियों के साथ हो रहे अन्याय पर रोक लग सके।

यह मामला अब केवल टिकट का नहीं, बल्कि इंदौर के क्रिकेट प्रेमियों की भावनाओं और विश्वास से जुड़ा बनता जा रहा है।

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