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फेसबुक पोस्ट से भड़का विवाद, पत्रकार अरशद अली से मारपीट और जान से मारने की धमकी का आरोप

 

शिवपुरी में पत्रकारों की सुरक्षा और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सवाल खड़े करने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है। कोतवाली थाना क्षेत्र में पत्रकार अरशद अली ने मण्डी अध्यक्ष इरशाद राईन पर गाली-गलौज, मारपीट, अपहरण और जान से मारने की धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। इस संबंध में पीड़ित पत्रकार द्वारा थाना कोतवाली शिवपुरी में लिखित शिकायत दी गई है।

जानकारी के अनुसार घटना 22 जनवरी 2026 की दोपहर करीब 3:15 बजे की है। पत्रकार अरशद अली कलेक्ट्रेट शिवपुरी से खबर कवरेज कर लौट रहे थे। इसी दौरान उन्होंने अपनी फेसबुक आईडी पर एक पोस्ट साझा की थी, जिसमें समाज में मौजूद कुछ स्वघोषित वरिष्ठ पत्रकारों पर टिप्पणी की गई थी। आरोप है कि इसी पोस्ट से नाराज होकर मण्डी अध्यक्ष इरशाद राईन ने अरशद अली को फोन कर अस्पताल चौराहे के पास बुलाया।

शिकायत में बताया गया है कि जैसे ही अरशद अली अस्पताल चौराहे पर पहुंचे, वहां मौजूद इरशाद राईन ने उनसे फेसबुक पोस्ट डिलीट करने का दबाव बनाया। मना करने पर आरोपी ने मां-बहन की गालियां दीं और विरोध करने पर हाथापाई कर दी, जिससे पत्रकार के हाथ के अंगूठे में चोट आई। आरोप है कि इस दौरान आरोपी जोर-जोर से चिल्लाते हुए जान से मरवाने और अपहरण कराने की धमकी देता रहा, जिससे अरशद अली भयभीत हो गए।

पीड़ित पत्रकार का कहना है कि यह पूरी घटना अस्पताल चौराहे पर लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हुई होगी। उन्होंने आशंका जताई है कि भविष्य में यदि उनके साथ कोई भी अप्रिय घटना घटित होती है तो इसके लिए इरशाद राईन और उसके 4-5 सहयोगी जिम्मेदार होंगे। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि आरोपी स्वयं को राजनीतिक रूप से प्रभावशाली और आर्थिक रूप से मजबूत बताते हुए यह कहता रहा कि पुलिस उसका कुछ नहीं बिगाड़ सकती।

इस घटनाक्रम को लेकर पत्रकारिता जगत में भी गहरी चिंता देखी जा रही है। बताया जा रहा है कि यह मामला केवल एक फेसबुक पोस्ट का नहीं है, बल्कि इसके पीछे समुदाय विशेष के भीतर चल रही अंदरूनी खींचतान भी एक कारण मानी जा रही है। सूत्रों के अनुसार समुदाय विशेष के कुछ स्वघोषित पत्रकार अपने ही समाज के नए और सक्रिय पत्रकारों की बढ़ती सक्रियता से असहज और चिंतित हैं, जिसके चलते इस तरह के टकराव सामने आ रहे हैं।

पीड़ित पत्रकार अरशद अली ने पुलिस से आरोपी के विरुद्ध कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई करने और अपनी जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। अब यह देखना अहम होगा कि पुलिस इस गंभीर मामले में क्या कदम उठाती है, क्योंकि यह प्रकरण केवल एक व्यक्ति पर हमले का नहीं, बल्कि पत्रकारों की सुरक्षा और स्वतंत्रता से सीधे तौर पर जुड़ा हुआ है।

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