शिवपुरी में नए कलेक्टर अर्पित वर्मा की एंट्री, बढ़ी हलचल
9 अप्रैल को जारी हुई ट्रांसफर लिस्ट के बाद शिवपुरी में एक नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है - अर्पित वर्मा। श्योपुर में अच्छा काम कर रहे इस कलेक्टर को अचानक शिवपुरी भेज दिया गया। ऐसे में लोगों के मन में सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर ऐसा क्यों हुआ?
अर्पित वर्मा को एक सख्त और काम करने वाले अधिकारी के रूप में जाना जाता है। वे मौके पर जाकर फैसले लेते हैं और खासतौर पर जमीन से जुड़े मामलों में उनकी पकड़ मजबूत मानी जाती है। अवैध कॉलोनी हो या सरकारी जमीन पर कब्जा, वे सीधे कार्रवाई के लिए जाने जाते हैं।
अब बात शिवपुरी की करें, तो यहां जमीन से जुड़े विवाद और गड़बड़ियों की बातें अक्सर सामने आती रहती हैं। कई लोग राजनीतिक समर्थन के सहारे अपने काम निकालते हैं, तो कुछ लोग आपस में समझौता करके मामला शांत कर लेते हैं। ऐसे माहौल में अर्पित वर्मा की पोस्टिंग को लोग अलग-अलग नजर से देख रहे हैं। कुछ का मानना है कि उन्हें यहां सख्ती से काम करने के लिए भेजा गया है, जबकि कुछ लोग इसे एक सामान्य प्रशासनिक फैसला बता रहे हैं।
उनका पिछला रिकॉर्ड देखें तो उन्होंने जहां-जहां काम किया है, वहां कार्रवाई भी की है चाहे रेत माफिया का मामला हो, राजस्व से जुड़े मुद्दे हों या अन्य गड़बड़ियां। शिवपुरी में भी शिक्षा, स्वास्थ्य और राजस्व जैसे कई क्षेत्र हैं जहां सुधार की जरूरत महसूस की जाती रही है। ऐसे में अब यह देखना होगा कि यहां उनकी कार्यशैली कैसी रहती है और क्या बदलाव देखने को मिलते हैं।
फिलहाल इतना कहा जा सकता है कि एक सक्रिय अधिकारी के आने से लोगों की उम्मीदें जरूर बढ़ी हैं। अब आने वाले समय में ही साफ होगा कि यह बदलाव किस दिशा में जाता है।

एक टिप्पणी भेजें