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आरोग्य भारती की कार्यशाला में स्वस्थ जीवनशैली अपनाने पर जोर

 



स्वस्थ जीवन शैली ही निरोग जीवन का आधार : आरोग्य भारती कार्यशाला में विशेषज्ञों ने किया जागरूक

कुल्लू। आधुनिक जीवन शैली के कारण तेजी से बढ़ रही शारीरिक एवं मानसिक बीमारियों के बीच स्वस्थ जीवन पद्धति अपनाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए आरोग्य भारती संस्था ने जिला मुख्यालय कुल्लू में एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया। कार्यक्रम में संस्था के राष्ट्रीय स्तर के पदाधिकारियों सहित विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों ने भाग लिया और भारतीय जीवन मूल्यों, संतुलित दिनचर्या तथा स्वास्थ्यवर्धक आहार के महत्व पर विस्तार से चर्चा की। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एनएचपीसी प्रमुख सुधीर कुमार नेगी रहे।


कार्यशाला के दौरान वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में दुनिया जीवनशैली जनित रोगों, मानसिक तनाव, अवसाद, मधुमेह, उच्च रक्तचाप और सामाजिक असंतुलन जैसी समस्याओं से जूझ रही है। ऐसे समय में भारतीय संस्कृति, योग, आयुर्वेद तथा पारंपरिक जीवन मूल्यों की प्रासंगिकता और अधिक बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य केवल रोगों की अनुपस्थिति नहीं, बल्कि शारीरिक, मानसिक और सामाजिक संतुलन की अवस्था है। 


आरोग्य भारती के राष्ट्रीय संगठन सचिव डॉ. अशोक कुमार वार्ष्णेय ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि आज बड़ी संख्या में लोग मानसिक और शारीरिक समस्याओं से ग्रस्त हैं। इसका प्रमुख कारण अनियमित दिनचर्या, तनावपूर्ण जीवन, शारीरिक श्रम की कमी तथा तकनीक पर अत्यधिक निर्भरता है। उन्होंने कहा कि यदि व्यक्ति स्वस्थ जीवन शैली अपनाए, नियमित व्यायाम करे, संतुलित आहार ले और मानसिक संतुलन बनाए रखे तो अनेक बीमारियों से बचा जा सकता है। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज युवा वर्ग भी मानसिक तनाव, मधुमेह और मोबाइल एडिक्शन जैसी समस्याओं की चपेट में आ रहा है, जो भविष्य के लिए गंभीर संकेत हैं। 


संस्था के प्रशिक्षण प्रमुख एवं कार्यशाला संयोजक संजीवन कुमार ने भी बिगड़ती जीवन शैली पर चिंता जताते हुए अनुशासित जीवन और सही खान-पान को स्वस्थ समाज की आधारशिला बताया। उन्होंने कहा कि फास्ट फूड और जंक फूड का बढ़ता चलन अनेक बीमारियों की प्रमुख वजह बन रहा है। लोगों को प्राकृतिक, पौष्टिक और संतुलित भोजन की ओर लौटना होगा। उन्होंने कहा कि अधिकांश रोगों की रोकथाम और नियंत्रण केवल दवाइयों से नहीं, बल्कि उचित आहार और स्वस्थ आदतों से संभव है। 


कार्यशाला में उपस्थित प्रतिभागियों को स्वास्थ्य संरक्षण, रोगों की रोकथाम, योग, आयुर्वेद और सकारात्मक जीवन दृष्टि के संबंध में भी जानकारी दी गई। वक्ताओं ने कहा कि समाज में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने और लोगों को निरोग जीवन के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से आरोग्य भारती निरंतर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित कर रही है। कार्यशाला में स्वस्थ जीवन शैली को जन-जन तक पहुंचाने और भारतीय स्वास्थ्य परंपराओं को पुनः जीवन का हिस्सा बनाने का संकल्प भी व्यक्त किया गया।

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