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न्यायालय से मिली राहत, शिवकुमार गौतम ने बताया षड्यंत्र का हिस्सा - देखिये वीडियो और सुनें क्या कहा

 



शिवपुरी में विगत दिनों से चर्चाओं में रहे भूमि विवाद प्रकरण को लेकर स्कूल संचालक एवं सामाजिक-राजनीतिक कार्यकर्ता शिवकुमार गौतम ने गुरुवार को पत्रकार वार्ता आयोजित कर अपना पक्ष विस्तार से रखा। उन्होंने पत्रकारों को जिला एवं सत्र न्यायालय, शिवपुरी द्वारा 18 जून 2026 को पारित आदेश की प्रतियां उपलब्ध कराते हुए बताया कि उनके विरुद्ध मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय द्वारा दिए गए एफआईआर दर्ज करने संबंधी आदेश को सत्र न्यायालय ने निरस्त कर दिया है।


शिवकुमार गौतम ने बताया कि न्यायालय ने अपने आदेश में यह माना है कि उपलब्ध तथ्यों एवं दस्तावेजों के आधार पर प्रथम दृष्टया उनके विरुद्ध कोई संज्ञेय अपराध बनता हुआ प्रतीत नहीं होता है। न्यायालय ने यह भी उल्लेख किया है कि मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 175(3) के अंतर्गत निर्धारित प्रक्रिया का समुचित पालन किए बिना आदेश पारित किया गया था, जिसके कारण उक्त आदेश को अपास्त कर दिया गया।


पत्रकार वार्ता के दौरान शिवकुमार गौतम ने कहा कि संबंधित भूमि के संबंध में वर्ष 2023 में उनके पक्ष में विधिवत अनुबंध किया गया था तथा उसी के आधार पर उन्होंने बाद में अपने हिस्से की भूमि के संबंध में अन्य अनुबंध किया था। उनका कहना था कि इस संपूर्ण मामले में पहले से ही संविदा के विनिर्दिष्ट अनुपालन का सिविल वाद न्यायालय में लंबित है और विवाद का निराकरण विधिक प्रक्रिया के माध्यम से होना चाहिए।


शिवकुमार गौतम ने आरोप लगाया कि प्रतिवर्ष उनके द्वारा संचालित विद्यालयों के प्रवेश सत्र के दौरान उनकी व्यक्तिगत एवं संस्थागत छवि को धूमिल करने के प्रयास किए जाते रहे हैं। उनका कहना था कि अतीत में भी विभिन्न प्रकार के आरोपों और विवादों के माध्यम से उनके विद्यालय की प्रतिष्ठा को प्रभावित करने का प्रयास किया गया, लेकिन प्रत्येक बार सत्य सामने आया है।


उन्होंने कहा कि वह हाल के वर्षों में सार्वजनिक जीवन और राजनीति में सक्रिय हुए हैं तथा संभव है कि उनकी बढ़ती सक्रियता से असहज कुछ लोग उनके विरोधी बन गए हों। उन्होंने आशंका व्यक्त की कि ऐसे कुछ तत्व योजनाबद्ध तरीके से उनके विरुद्ध वातावरण बनाने का प्रयास कर रहे हैं। हालांकि उन्होंने किसी व्यक्ति विशेष का नाम लेने से परहेज करते हुए कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूर्ण विश्वास है और वह हर परिस्थिति में कानूनी प्रक्रिया का सम्मान करते रहेंगे।


शिवकुमार गौतम ने कहा कि उनका मुख्य उद्देश्य शिक्षा एवं समाज सेवा के क्षेत्र में कार्य करना है तथा वे अपने विद्यालयों के माध्यम से बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। उन्होंने अभिभावकों, विद्यार्थियों और समाज के लोगों से अपील की कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर विश्वास न करें और तथ्यों को समझने के बाद ही कोई राय बनाएं।


पत्रकार वार्ता के अंत में शिवकुमार गौतम ने कहा कि सत्य और न्याय पर उनका विश्वास पहले की तरह अटूट है तथा वे भविष्य में भी विधिक और लोकतांत्रिक मर्यादाओं के भीतर रहकर अपना पक्ष रखते रहेंगे।


प्रेस वार्ता के दौरान शिवकुमार गौतम नें क्या कुछ कहा? वीडियो देखने के लिए यहाँ क्लिक करें 


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