सुख-समृद्धि को घर के द्वार पर खींचकर लाने वाले श्रेष्ठ उपाय - अनिकेत सिंह
0
टिप्पणियाँ
घर-परिवार में सुख-शांति, सामंजस्य, मानसिक शांति, आर्थिक स्थिति आदि की स्थिति बिगड़ी हो तब ज्योतिषशास्त्र में वर्णित विभिन्न उपाय आजमाने से लाभ होता है। जानिए ऐसे ही कुछ कष्टों, समस्याओं और मुश्किलों को दूर करने वाले उपाय।
घर में समृद्धि लाने के लिए घर के उत्तर-पश्चिम (वायव्य) कोण में मिट्टी का सुंदर बर्तन रखकर उसमें कुछ सोने-चांदी के सिक्के लाल कपड़े में बांधकर रखें। फिर बर्तन को गेहूं या चावल से पूरा भर दें। ऐसा करने से घर में कभी धन का अभाव नहीं रहेगा।
काले तिल की राई लेकर सभी सदस्यों के सिर पर से सात बार उतारकर घर की उत्तर दिशा में फेंकने से धनहानि बंद होती है।
घर में स्थाई सुख-समृद्धि के लिए पीपल के वृक्ष की छाया में खड़े रहकर तांबे के लोटे में जल, गुड़, दूध और तिल मिलाकर पीपल के वृक्ष को सींचें। ऐसा करने से घर में सुख-समृद्धि आती है और लक्ष्मी का वास होता है।
घर में बारबार धनहानि हो रही हो तो गुरुवार को घर के मुख्य द्वार पर गुलाल छिड़ककर उस पर शुद्ध घी का दोमुंहा दीपक जलाएं। दीपक जलाते समय मन ही मन प्रार्थना करें कि भविष्य में घर में धनहानि न हो। जब दीपक बुझ जाए तब उसे बहते जल में बहा दें।
घर की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए धर्म स्थान में सोने का चौकोर सिक्का रखें। कुत्ते को दूध पिलाएं और अपने कमरे में मोर का पंख रखें। यह पीला टुकड़ा (सिक्का) घर में संभालकर रखें।
यदि आप सुख-समृद्धि चाहते हैं तो मिट्टी के एक पक्के मटके में लाल रंग की मटकी जितनी चौड़ाई का मटका लेकर उस पर नाड़ाछड़ी बांधें और उस पर एक जटायुक्त नारियल रखकर उसे बहते जल में प्रवाहित कर दें।
व्यक्ति जब उन्नति की ओर अग्रसर होता है तब अनेक लोग उसकी उन्नति से ईर्ष्याग्रस्त होकर उसके शत्रु बन जाते हैं और उसकी मदद से दूर रहकर, उल्टा उसकी उन्नति के मार्ग में बाधा डालने लगते हैं। ऐसे छुपा शत्रुओं से बचना मुश्किल होता है। ऐसी परिस्थितियों से बाहर निकलने के लिए प्रातःकाल सात बार हनुमान चालीसा का पाठ करें और हनुमानजी को चूरमे का भोग लगाएं। पांच लौंग को पूजास्थल में धूप के साथ जलाएं। फिर उसकी भस्म से तिलक करके बाहर जाएं। यह प्रयोग आपके समस्त जाने-अंजाने शत्रुओं को परास्त करने में मदद रूप बनेगा।
कच्ची चमेली के तेल का दीपक जलाकर उसमें लौंग डालकर हनुमानजी की आरती करें। अनिष्ठ दूर होंगे और धनप्राप्ति भी होगी।
यदि आकस्मिक धनलाभ की स्थिति न बन रही हो, परंतु लाभ न मिल रहा हो तो गोपीचंदन की नव डालियां लेकर उसे केले के पौधे पर रख दें। या चंदन को पीले धागे से बांधें।
आकस्मिक धनलाभ के लिए किसी भी महीने के शुक्ल पक्ष के प्रथम बुधवार को सफेद कपड़े का झंडा बनाकर उसे पीपल के वृक्ष पर लटका दें। यदि व्यवसाय में आकस्मिक हानि और पतन की संभावना प्रबल हो तो भी यह प्रयोग बहुत लाभकारक साबित होगा।
आर्थिक तंगी आपको परेशान कर रही हो तो मंदिर में केले का पौधा (नर-मादा) लगाएं।
अमावस्या के दिन पीले त्रिकोण जैसी ध्वजा विष्णु मंदिर में ऊंचाई वाले स्थान पर इस तरह लगाएं कि वह लहराती रहे। ऐसा करने से आपका भाग्य चमक उठेगा, लेकिन शर्त यह है कि ध्वजा ऐसी जगह हो जो दिखाई दे।
लक्ष्मीजी के चित्र या प्रतिमा के सामने नवमुखी दीपक जलाएं और पूजन करें। ऐसा करने से धनलाभ होगा, संपत्ति में वृद्धि होगी।
एक नारियल पर सिंदूर, नाड़ाछड़ी और अक्षत अर्पित करके पूजन करें, फिर हनुमानजी के मंदिर में जाकर वह नारियल चढ़ा दें और हनुमानजी का पूजन करें। ऐसा करने से तमाम प्रकार के कष्ट दूर होंगे और सुख-समृद्धि में वृद्धि होगी।
पीपल के वृक्ष के मूल के पास तेल का दीपक जलाएं और फिर घर वापस आ जाएं। उस दौरान पीछे मुड़कर न देखें और रास्ते में चुप रहें। यह प्रयोग करने से संतान संबंधित समस्याएं और घर के कलह-कंकश दूर होंगे।
प्रातःकाल पीपल के वृक्ष को जल चढ़ाए और अपनी तथा अपने परिवार की हर क्षेत्र में सफलता की मनोकामना करें। घर के बाहर शुद्ध केसर का स्वस्तिक बनाकर उस पर पीला पुष्प तथा अक्षत चढ़ाएं। घर के बाहर निकलते समय दाहिना पैर पहले बाहर रखें।
एक हांड़ी में सवा किलो साबुत मूंग, बीज में मीठे की गांठें भर दें। तत्पश्चात इस हांड़ी को ऐसे स्थान पर रख दें, जहां कोई इसे देख न सके। यह प्रयोग बुधवार के दिन करें। ऐसा करने से घर में धन का आना शुरू हो जाएगा और प्रगति अटकेगी नहीं।
प्रत्येक मंगलवार को पीपल के ग्यारह पत्ते लेकर उन्हें अच्छी तरह गंगाजल से धोकर लाल चंदन से प्रत्येक पत्ते पर सात बार राम-राम लिखें। तत्पश्चात उन पत्तों को हनुमानजी के मंदिर में चढ़ा आएं। फिर मंदिर में प्रसाद बांटें और नीचे दिए गए मंत्र का यथाशक्ति जाप करें। यह उपाय लगातार सात मंगलवार तक करें। इस प्रयोग को गुप्त रखें, इससे भारी लाभ होगा और परिवार में एकता बनी रहेगी।
मंत्र: जय जय जय हनुमान गोसाईं, कृपा करो गुरु देव की नाई।
नौकरी में उन्नति प्राप्त करनी हो तो सात प्रकार के अनाज पक्षियों को डालें।
भाद्रपद महीने के कृष्ण पक्ष में भरणी नक्षत्र हो तब चार नए घड़ों में जल भरकर उन्हें एकांत कमरे में रखें। दूसरे दिन उन घड़ों में पानी थोड़ा कम हुआ हो तो अनाज भरकर रख दें और रोज उनकी विधिवत पूजा करें। बाकी घड़ों का पानी घर के आंगन या खेत में छिड़क दें। ऐसा करने से अन्नपूर्णा देवी हमेशा प्रसन्न रहेंगी।
घर का कोई व्यक्ति शुभ कार्य में सफलता पाना चाहता हो तो रविवार के दिन गुड़ खाकर बाहर जाएं। सोमवार को दर्पण में अपना चेहरा देखकर जाएं। मंगलवार को मिष्ठान खाकर जाएं। बुधवार को हरा धनिया खाकर जाएं। गुरुवार को सरसों के थोड़े से दाने मुंह में रखकर बाहर जाएं। शुक्रवार को दही खाकर बाहर निकलें। शनिवार को अदरक और घी खाकर बाहर निकलें।
एक नारियल पर सिंदूर, नाड़ाछड़ी और अक्षत अर्पित करके पूजन करो, फिर हनुमानजी के मंदिर में जाकर वह नारियल चढ़ा दो और हनुमानजी का पूजन करो। ऐसा करने से तमाम प्रकार के कष्ट दूर होंगे और सुख-समृद्धि में वृद्धि होगी।
अनिकेत सिंह
लवकुश कोचिंग क्लास,
शाॅप नंबर-12, प्रथम तल,
अभिषेक एलिसियम, एक्सिस बैंक लेन, समा-सालवी रोड, न्यू समा,
बड़ौदा-390008 (गुजरात)
Tags :
धर्म और अध्यात्म
एक टिप्पणी भेजें