दिवाकर की दुनाली से
मंच, माला, पद और फोटो… क्या यही है पत्रकारिता? - दिवाकर शर्मा
आज पत्रकारिता का सबसे बड़ा संकट संसाधनों का नहीं, बल्कि चरित्र का है। कलम की लड़ाई अब सत्य और असत्य के बीच कम…
आज पत्रकारिता का सबसे बड़ा संकट संसाधनों का नहीं, बल्कि चरित्र का है। कलम की लड़ाई अब सत्य और असत्य के बीच कम…
शिवपुरी में सामने आया पूरा घटनाक्रम पत्रकारिता के क्षेत्र में फैलती उस ठेकेदारी मानसिकता की ओर इशारा करता ह…
आज की पत्रकारिता का दृश्य जितना चमकदार और ग्लैमर भरा दिखता है, उससे कहीं अधिक जटिल, रहस्यमयी और असुरक्षित भ…