शिवपुरी में पत्रकारिता या दलाली? सच का आईना
शिवपुरी में पत्रकारिता अब कई बार खबरों की नहीं, बल्कि नकाबों की दुनिया लगने लगी है। सवाल यह नहीं कि पत्रकार…
शिवपुरी में पत्रकारिता अब कई बार खबरों की नहीं, बल्कि नकाबों की दुनिया लगने लगी है। सवाल यह नहीं कि पत्रकार…
देश एक बार फिर उस मोड़ पर खड़ा है जहाँ अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर सांस्कृतिक असंवेदनशीलता को वैध ठह…
यूजीसी प्रकरण को लेकर देशभर में चल रही बहस ने जहाँ नीतिगत सवाल खड़े किए हैं, वहीं दुर्भाग्यपूर्ण रूप से कुछ…
आख़िर कौन है सामान्य वर्ग? यह प्रश्न आज किसी किताब का नहीं, बल्कि उस व्यक्ति का है जो हर चुनाव में सबसे पहल…
भारत कोई निर्जीव भूखंड नहीं है जिसे जब इच्छा हो बंद कर दिया जाए। यह केवल सड़कों, इमारतों और कार्यालयों का स…
भारत में जनरल श्रेणी वालों को क्यों रहना चाहिए यह सवाल अब किसी सनक या क्षणिक आक्रोश का नहीं, बल्कि उस मानसि…
मध्यप्रदेश की नगर पालिकाओं में इन दिनों अध्यक्षों को हटाने की मांगें, अविश्वास प्रस्ताव और राइट-टू-रिकॉल जै…
जनसंपर्क विभाग की हालिया कार्यवाही को यदि ईमानदारी से देखा जाए, तो यह किसी की आवाज दबाने की नहीं बल्कि पत्र…
स्वदेशी कोई सिर्फ पहनावे का विषय नहीं है, बल्कि सोच और जीवन-दृष्टि का प्रश्न है। साड़ी पहन ली, मंच पर चल लि…
शिवपुरी की गलियों में एक गुप्त ताने-बाने का नेटवर्क धीरे-धीरे अपने पंख फैलाता जा रहा है। यह कोई साधारण समूह…
शिवपुरी में हाल ही में घटित घटना ने पूरे इलाके को बेचैन कर दिया है। बांधवगढ़ से रेस्क्यू कर लाई गई एक बाघिन…
पत्रकारिता कभी सवाल पूछने की हिम्मत का नाम थी। स्याही की गंध में सच की आग जलती थी। कलम डरती नहीं थी, झुकती …
शिवपुरी आज दो अलग-अलग घटनाओं के जरिए एक ही सवाल पूछ रही है कि कानून आखिर किसके लिए है और किसके खिलाफ। मेडिक…
पत्रकारिता को कभी समाज की आँख, कान और आवाज़ कहा जाता था। आज वही पत्रकारिता कई जगहों पर रेट कार्ड में तब्दील…
शिवपुरी को जब मेडिकल कॉलेज मिला था, तब इसे स्वास्थ्य सेवाओं की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि बताया गया था। उम्मी…
दिवाकर की दुनाली से ✍️ नक्शे पर शिवपुरी पूरी स्पष्टता से दर्ज है। यह कोई सीमांत कस्बा नहीं, बल्कि मध्यप्रदे…
करैरा विधानसभा, शिवपुरी जिले की पाँच विधानसभाओं में से एक, आज जिस पहचान की ओर बढ़ रही है, वह न केवल चिंताजन…
हर साल ठंड के आते ही शहर में एक खास किस्म का उत्साह जन्म लेता है। चौराहों पर नए पोस्टर उग आते हैं, भाषणों म…
एक बार फिर धार्मिक आयोजन की आड़ में कई तरह की गतिविधियों के चर्चे तेज़ हैं। जहां एक ओर लोग आस्था और आध्यात्…
भोपाल में हाल ही में समाप्त हुआ तब्लीगी जमात का विशाल इज्तिमा केवल धार्मिक आयोजन भर नहीं था यह अनेक गंभीर प…