दार्शनिक दृष्टि एकात्म मानव दर्शन से मोदीनॉमिक्स तक - डॉ. अमरीक सिंह ठाकुर
स्थापना दिवस विशेष - 6 अप्रैल 1980 भारतीय जनता पार्टी की स्मृतियों और संकल्पों की यात्रा भारतीय जनता पार्टी…
स्थापना दिवस विशेष - 6 अप्रैल 1980 भारतीय जनता पार्टी की स्मृतियों और संकल्पों की यात्रा भारतीय जनता पार्टी…
पहाड़ अकेले छोड़े जाने की माँग नहीं कर रहे। वे नष्ट होने से पहले जाने जाने की माँग कर रहे हैं। यह कोई अत्यध…
यूरोपीय संघ-भारत ट्रेड डील्स और भारत के टूरिज्म और हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री पर इसका बड़ा असर, 27 जनवरी, 2026 …
इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए आवंटित ₹1.5 लाख करोड़ से स्मार्ट क्लासरूम, प्रयोगशालाएँ, पुस्तकालय और खेल सुविधाएँ ब…
भाजपा–चीन संवाद और वामपंथ की वैचारिक घबराहट, पं. दीनदयाल उपाध्याय का एकात्म मानव दर्शन, सनातन मूल्यों पर आध…
दातून से दूर भागे, तो रोग पास आए वापसी का वक्त आ गया है! "बासी पानी जे पिये, ते नित हर्रा खाय। मोटी दत…
आज की वैश्विक राजनीति एक ऐसे मोड़ पर खड़ी है जहाँ पुराने शक्ति संतुलन (Balance of Power) टूट रहे हैं और नए …
भारत की आत्मा में ‘सेवा’ केवल एक क्रिया नहीं, बल्कि एक शाश्वत दृष्टिकोण है। यह दर्शन हमें बताता है कि समाज,…
राजनीति में, सबसे ज़रूरी फ़ैसले शायद ही कभी वे होते हैं जो तुरंत शीर्षक बनाते हैं। ये वे फ़ैसले होते हैं जो…
जिसकी याद आज भी युवाओं में देशभक्ति का जोश भर देती है, जब भी भारत के स्वतंत्रता संग्राम का इतिहास लिखा जाएग…
किसी भी विश्वविद्यालय का स्थापना दिवस केवल एक तिथि नहीं होता, वह उसकी सामूहिक स्मृति, संघर्ष और संकल्प का उ…